Wednesday, September 16, 2009

Ghazal - Farz karo hum ahle-wafa hoN

When I was buying that song - O des se aane waale bata...I saw this ghazal in the same album "Paigham-e-Mohabbat" by Abida Parveen and the mat_la (the first sher) seemed kind of cheeky, so I bought it.

This time the whole ghazal in Hindi script so it's easier to read.

फ़र्ज़ करो हम अहल-इ-वफ़ा हों, फ़र्ज़ करो दीवाने हों
फ़र्ज़ करो ये दोनों बातें झूटी हों अफ़साने हों

फ़र्ज़ करो ये जी की बिपता जी से जोर सुनायी हो
फ़र्ज़ करो अभी और हो इतनी, आधी हम ने छुपायी हो

फ़र्ज़ करो तुम्हें खुश करने के ढूंडे हम ने बहाने हों
फ़र्ज़ करो ये नैन तुम्हारे सच-मच के मैखाने हों

फ़र्ज़ करो ये रोग हो झुटा झूटी पीट हमारी हो
फ़र्ज़ करो इस पीट के रोग में सांस भी हम पे भारी हो

फ़र्ज़ करो ये जोग-बिजोग का हमने ढोंग रचाया हो
फ़र्ज़ करो बस यही हकीक़त बाकी सब कुछ माया हो

इब्ने इंशा

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